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रूठे यार को मैं मनाऊं कैसे
कोई तो बताए, उसके
खूबसूरत चेहरे पर जो
छाई उदासी है उसे मैं हटाऊं कैसे
हुस्न भी कम्बख़्त कब ख़ाली है सोज़-ए-इश्क़ से
शम्अ भी तो रात भर जलती है परवाने के साथ
क्या तीर-ए-सितम उस के सीने में भी टूटे थे
जिस ज़ख़्म को चीरूँ हूँ पैकान निकलते हैं
न जाने कैसा ये तीर जिगर के पार हुआ,
न जाने क्यों ये दिल बेकरार हुआ,
तू कभी मेरे सामने तो आया नही,
फिर भी न जाने क्यों तुझसे इतना मुझे प्यार हुआ।
मैं इक दिन बे-ख़याली में कहीं सच बोल बैठा था
मैं कोशिश कर चुका हूँ मुँह की कड़वाहट नहीं जाती
More Shayari
Motivational Shayari

अगर ज़िंदगी में कभी कुछ खो भी जाए,
बस कभी खुद को मत खो देना।
~ अज्ञात

अगर ज़िंदगी में कभी कुछ खो भी जाए,
बस कभी खुद को मत खो देना।
~ अज्ञात
पाना जीसे मुमकिन नहीं
उसकी ख्वाहिश क्या करें,रें
बहुत कर ली मिन्नतें
अब और गुजारिश क्या करें।रें
भूल ही गए खुदखु को तराशना
गैरोंंगैरोंं की आजमाइश क्याा करें,रें
होती खुशी खु तो बााट भीे लेते
गम की नुमाइश क्या करें।रें

अगर ज़िंदगी में कभी कुछ खो भी जाए,
बस कभी खुद को मत खो देना।
~ अज्ञात

अगर ज़िंदगी में कभी कुछ खो भी जाए,
बस कभी खुद को मत खो देना।
~ अज्ञात
क्या सच है इस जग का उजाला बनना या अंधेरा चुनना,
मुझे है हासिल करना अब नही है कुछ सुनना।
Festival Shayari

जब देश में थी दिवाली, वो झेल रहे थे गोली
जब हम बैठे थे घरों में, वो खेल रहे थे होली
जब देश में थी दिवाली, वो झेल रहे थे गोली
जब हम बैठे थे घरों में, वो खेल रहे थे होली
~ अज्ञात
जब देश में थी दिवाली, वो झेल रहे थे गोली जब हम बैठे थे घरों में, वो खेल रहे थे होली ~ अज्ञात

'आली' अब के कठिन पड़ा दीवाली का त्यौहार
हम तो गए थे छैला बन कर भय्या कह गई नार
'आली' अब के कठिन पड़ा दीवाली का त्यौहार
हम तो गए थे छैला बन कर भय्या कह गई नार
~ Couplets of Jamiluddin Ali
'आली' अब के कठिन पड़ा दीवाली का त्यौहार हम तो गए थे छैला बन कर भय्या कह गई नार ~ Couplets of Jamiluddin Ali

अमआ की परी माने-ए-पर्वाज़ है जिस तरह
चढ़ते नहीं मुर्ग़ान-ए-शिकम-सेर हवा पर
अमआ की परी माने-ए-पर्वाज़ है जिस तरह
चढ़ते नहीं मुर्ग़ान-ए-शिकम-सेर हवा पर
~ Mushafi Ghulam Hamdani
अमआ की परी माने-ए-पर्वाज़ है जिस तरह चढ़ते नहीं मुर्ग़ान-ए-शिकम-सेर हवा पर ~ Mushafi Ghulam Hamdani

कहने लगे अब आइए सर पर है त्यौहार
घर मेरा नज़दीक है तारों के उस पार
कहने लगे अब आइए सर पर है त्यौहार
घर मेरा नज़दीक है तारों के उस पार
~ Bhagwan Das Ijaz
कहने लगे अब आइए सर पर है त्यौहार घर मेरा नज़दीक है तारों के उस पार ~ Bhagwan Das Ijaz

तुम्हारी तो दिवाली है,
लेकिन मेरी जिंदगी तो तुमने होली कर दी है…!!
तुम्हारी तो दिवाली है,
लेकिन मेरी जिंदगी तो तुमने होली कर दी है…!!
~ अज्ञात
तुम्हारी तो दिवाली है, लेकिन मेरी जिंदगी तो तुमने होली कर दी है…!! ~ अज्ञात

अमआ की परी माने-ए-पर्वाज़ है जिस तरह
चढ़ते नहीं मुर्ग़ान-ए-शिकम-सेर हवा पर
अमआ की परी माने-ए-पर्वाज़ है जिस तरह
चढ़ते नहीं मुर्ग़ान-ए-शिकम-सेर हवा पर
~ Mushafi Ghulam Hamdani
अमआ की परी माने-ए-पर्वाज़ है जिस तरह चढ़ते नहीं मुर्ग़ान-ए-शिकम-सेर हवा पर ~ Mushafi Ghulam Hamdani

जब देश में थी दिवाली, वो झेल रहे थे गोली
जब हम बैठे थे घरों में, वो खेल रहे थे होली
~ अज्ञात
जब देश में थी दिवाली, वो झेल रहे थे गोली जब हम बैठे थे घरों में, वो खेल रहे थे होली

'आली' अब के कठिन पड़ा दीवाली का त्यौहार
हम तो गए थे छैला बन कर भय्या कह गई नार
~ Couplets of Jamiluddin Ali
'आली' अब के कठिन पड़ा दीवाली का त्यौहार हम तो गए थे छैला बन कर भय्या कह गई नार

अमआ की परी माने-ए-पर्वाज़ है जिस तरह
चढ़ते नहीं मुर्ग़ान-ए-शिकम-सेर हवा पर
~ Mushafi Ghulam Hamdani
अमआ की परी माने-ए-पर्वाज़ है जिस तरह चढ़ते नहीं मुर्ग़ान-ए-शिकम-सेर हवा पर

अमआ की परी माने-ए-पर्वाज़ है जिस तरह
चढ़ते नहीं मुर्ग़ान-ए-शिकम-सेर हवा पर
~ Mushafi Ghulam Hamdani
अमआ की परी माने-ए-पर्वाज़ है जिस तरह चढ़ते नहीं मुर्ग़ान-ए-शिकम-सेर हवा पर
यहाँ पढ़ें खुशियों से भरी शायरी, जो आपके दिल को छू जाएगी और चेहरे पर मुस्कान लाएगी।

खुशियाँ ही खुशियाँ हो खुदा आपको ऐसी तकदीर दे,
बने कामयाबी की गवाह हाँथो में ऐसी लकीर दे,
जन्मदिन के शुभ दिन पर दुआ है,
खुदा आपको खूबसूरती की हर तस्वीर दे।
~ अज्ञात
खुशियाँ ही खुशियाँ हो खुदा आपको ऐसी तकदीर दे, बने कामयाबी की गवाह हाँथो में ऐसी लकीर दे, जन्मदिन के शुभ दिन पर दुआ है, खुदा आपको खूबसूरती की हर तस्वीर दे।
दोस्त वही है जो तकलीफों में भी हँसी बिखेरता है, अपनी खुशियों से कहीं ज्यादा दोस्तों की खुशियों को महत्व देता है!
सहम कर ऐ 'ज़फ़र' उस शोख़ कमाँ-दार से कह खींच कर देख मिरे सीने से तू तीर न तोड़

लुत्फ़ आने लगा जफ़ाओं में
वो कहीं मेहरबाँ न हो जाए
~ Ameer Meenai
लुत्फ़ आने लगा जफ़ाओं में वो कहीं मेहरबाँ न हो जाए
Funny Shayari

तेरी आवाज़ से प्यार है हमें,
इतना इज़हार हम कर नहीं सकते,
हमारे लिए तू उस खुदा की तरह है,
जिसका दीदार हम कर नहीं सकते……..!!!
~ अज्ञात
तेरी आवाज़ से प्यार है हमें, इतना इज़हार हम कर नहीं सकते, हमारे लिए तू उस खुदा की तरह है, जिसका दीदार हम कर नहीं सकते……..!!!

हम अपनी दिलपसंद पनाहों में आ गए,
जब हम सिमट के आपकी बाहों में आ गए…..!!!
~ अज्ञात
हम अपनी दिलपसंद पनाहों में आ गए, जब हम सिमट के आपकी बाहों में आ गए…..!!!

कह दो अपने दांतों को, क़ि हद में रहें,
तेरे लबों पे बस मेरे लबों का हक़ है……!!!
~ अज्ञात
कह दो अपने दांतों को, क़ि हद में रहें, तेरे लबों पे बस मेरे लबों का हक़ है……!!!

तुम्हारी आँखों में मुझे अपना घर मिल गया,
तुम्हारे दिल में मुझे अपना प्यार मिल गया।
~ अज्ञात
तुम्हारी आँखों में मुझे अपना घर मिल गया, तुम्हारे दिल में मुझे अपना प्यार मिल गया।

इस क़दर भी तो न जज़्बात पे क़ाबू रक्खो
थक गए हो तो मिरे काँधे पे बाज़ू रक्खो
~ इफ़्तिख़ार नसीम
इस क़दर भी तो न जज़्बात पे क़ाबू रक्खो थक गए हो तो मिरे काँधे पे बाज़ू रक्खो
अज्ञात
तेरे बदलने का दुख नहीं है मुझको, मैं तो अपने यकीन पर शर्मिंदा हूं..!
View ShayariShakeel Badayuni
अब तो ख़ुशी का ग़म है न ग़म की ख़ुशी मुझे बे-हिस बना चुकी है बहुत ज़िंदगी मुझे
View Shayariअज्ञात
“कभी-कभी दिल को भी समझाना पड़ता है कि जिसे हम चाहते हैं, वो हमें नहीं चाहता।”
View Shayariअज्ञात
“जिसे चाहा उसने कभी प्यार नहीं किया, और जिसने प्यार किया उसे हम चाह नहीं पाए।”
View Shayariअज्ञात
मेरी फितरत में खामोशी नहीं है.., मैं एक हंगामा हूँ, जो बोल पड़ता है..!!!
View Shayariअल्लामा इक़बाल
दुनिया की महफ़िलों से उकता गया हूँ या रब क्या लुत्फ़ अंजुमन का जब दिल ही बुझ गया हो
View ShayariMushafi Ghulam Hamdani
उस के जाने से मिरा दिल है मिरे सीने में दम का मेहमान चराग़-ए-सहरी की सूरत
View Shayariअज्ञात
खुशियां ढूंढते-ढूंढते कहीं खो गया हूं मैं, अब तो ग़म भी अपना सा लगता है।
View Shayariजितने आंसू मैंने बहा दिए तेरे लिए,
जितने आंसू मैंने बहा दिए तेरे लिए, इतने तो तेरे अपने भी नहीं बहाएंगे तेरे लिए…!!
अज्ञातकर सकता था मैं भी मोहब्बत उनसे ,,
कर सकता था मैं भी मोहब्बत उनसे ,, फिर सोचा चेहरा हसीन है, बेवफा तो होगी ही।
अज्ञातबहुत अजीब हैं ये मोहब्बत करने वाले,
बहुत अजीब हैं ये मोहब्बत करने वाले, बेवफाई करो तो रोते हैं और वफा करो तो रुलाते हैं…!!
अज्ञातयूं मुझे छोड़ कर जाने की,
यूं मुझे छोड़ कर जाने की, कोई एक वजह तो बता देते, मुझसे नाराज थे या फिर, तुम्हारी जिंदगी में मेरे जैसे बहुत थे…!!
अज्ञातप्यार में मेरा इस कदर टूटना तो लाजमी था,
प्यार में मेरा इस कदर टूटना तो लाजमी था, काँच का दिल था और मोहब्बत पत्थर से की थी।
अज्ञातजो फितरत में ही धोखा रखते हैं,
जो फितरत में ही धोखा रखते हैं, उन से कभी वफ़ा की उम्मीद मत रखना…!!
अज्ञातअपने जुल्म और सितम का हिसाब क्या दोगे,
अपने जुल्म और सितम का हिसाब क्या दोगे, जब खुद बेवफा हो उसका जवाब क्या दोगे…!!
अज्ञात
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